Moral Story in Hindi- डरपोक बंदर

यह कहानी है दो बंदरों की सोनू और मोनू की। सोनू और मोनू दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों साथ में खेलते कूदते और सारे दिन बहुत मजे करते। सोनू एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर लंबी लंबी छलांग लगाता था परंतु मोनू ऐसा नहीं कर पाता था। वह बचपन से डरता था कि कहीं मैं छलांग लगाते वक्त गिर ना जाऊं यह सोचकर उसने आज तक लंबी छलांग लगाना नहीं सीखा। 

Moral Story for kids- डरपोक बंदर


Moral Story In Hindi For Kids-  मां की चाहत

सोनू ने मोनू को बहुत समझाया कि सीख ले एक बार गिरेगा या दो बार मुझे देख मैंने भी तो सीखा है परंतु मोनू बहुत भयभीत था। इसलिए उसने कोशिश नहीं की एक दिन उनके इलाके में आग लग गई जिसके कारण उन्हें अपना इलाका छोड़ नदी के पार दूसरी तरफ जाना था नदी काफी चौड़ी थी। सोनू ने तो लंबी छलांग लगाकर नदी को पार कर लिया लेकिन मोनू डर से कांपने लगा कि मैं यह नदी पार नहीं कर सकता पर उसे वह इलाका छोड़ना ही था तो नदी तो पार करनी ही थी इसलिए मोनू ने डरते हुए छलांग लगाई और वह नदी मैं जा गिरा गया और नदी के साथ बह गया और मर गया।

Post a Comment

0 Comments